Corona virus | करोना वायरस से बचने का तरीका - Patel ji

Corona virus | करोना वायरस से बचने का तरीका


सबसे खतरनाक वायरस में से एक Coronavirus (COVID-19) अब दुनिया भर में पहुंच चुका है। दुनिया के 70 से ज्यादा देशों में कोरोना के मरीज सामने आ रहे हैं और अभी तक 104000 से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। इसमें से 89000 तो सिर्फ चीन में है और इससे 15000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ये वायरस आंखों से तो नहीं दिखता, लेकिन इसे फैलने में कुछ सेकंड का समय ही लगता है SARS वायरस की श्रेणी में इसे रखा गया है और अभी भी इसे लेकर रिसर्च चल रही है कि आखिर ये वायरस कैसे इतनी जल्दी फैल रहा है और इसे रोका कैसे जाए
Krona virus

सावधान
  सर्दी बिल्कुल नहीं होने दें।
 जुकाम फिट आते ही क्रोसिन एडवांस  सुबह दोपहर शाम को 1-1 गोली 3 बार लेवें।
  विक्स का इन्हेलर पास में रखें।
  रात सोते समय नाक कान गले और माथे पर विक्स लगावें।

 कोरोनावायरस देश में दस्तक दे चुके हैं। 

  चॉकलेट, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, कोल्ड कॉफी, फास्ट फूड, ठंडा दूध, बासी मीठा दूध, बड़ा पाव, बेकरी की बनी चीजें, पेस्टी, केक ये सभी चीजें बंद करें।  कम से  अप्रैल महीने  तक जब तक कि वातावरण  नहीं तापमान नहीं बढ़ता।

  रोकथाम विधि 
  1.अपने गले को नम रखना।
 2.गला सूखने जैसा हो तो तुरत पानी पिएं।
 3.जितना हो सके गुनगुने पानी में नींबू निचोड़ कर पियें, आंवले का सेवन करें।  मीन विटामिन- सी का अधिकाधिक प्रयोग करें डॉक्टर आरपी पाराशर कहते हैं कि इससे बचने के लिए तुलसी, अदरक, काली मिर्च, लोंग, सौंठ, गिलोय व छोटी पिप्पली का दूध, चाय या पानी में उबालकर दिन में दो-तीन बार पीने से इम्यूनिटी में मजबूती मिलती है. सौंठ, काली मिर्च व पिप्पली की गोली त्रिकटु के नाम से मार्केट में मिल जाती है. वहीं गिलोय अथवा गुडुची की गोली भी आयुर्वेदिक दवाओं की शॉप से आसानी से मिल जाएगी. इसके अलावा दूध में हल्दी, मुनक्का व खजूर उबाल कर पीने से भी इम्यूनिटी में सुधार होता है. सभी को गिलोय, मौसमी, संतरा, अंगूर व आंवले का प्रयोग इन दिनों नियमित रूप से करना चाहिए

वायरस से बचने के लिए समुद्री भोजन व नॉनवेज से परहेज रखें. थोड़े थोड़े अंतराल पर कम से कम 20 सेकेंड तक अपने हाथों को साबुन से धोएं और पोछने के लिए टिश्यू का प्रयोग करें. एक बार प्रयोग की गई टिश्यू का दोबारा प्रयोग न करें. डॉक्टरों के मुताबिक आयुर्वेदिक दवाओं में तालीशादि चूर्ण, सितोपलादि चूर्ण, लक्ष्मी विलास रस, वासावलेह, अगस्त्य हरीतकी चंद्र अमृत रस, टंकण भस्म आदि दवाओं का भी इस्तेमाल किया जा सकता है

 4. कप गर्म दूध में चुटकी भर हल्दी पाउडर डाल कर चाय की तरह कम से कम 2 बार रोजाना सेवन करें।
 5.किसी से भी हाथ मिलाने से परहेज करें।
 6.ठों को हमेशा धोखे से
 7. सर्दी, जुकाम वाले व्यक्ति के संपर्क से बचने की कोशिश करें या चेहरे पर कर मिलें।

 लक्षण इस प्रकार हैं 
 1. तेज लिन
 2. बुखार के बाद खाँसी का आना
 3.वयस्क आमतौर पर सामान्य महसूस करते हैं, 4.सिरल और मुख्य रूप से श्वसन संबंधित

  इस संदेश को अपने सभी प्रियजन को जल्दी से भेजें
 क्योंकि
 उपचार से बेहतर बचाव है
 रोकथाम तो बेहतर है इलाज 
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